पत्नी ही बनी लुटेरी पहले शादी और अब नए अंदाज में मांग,नहीं तो जेल भेजने की धमकी

29 MAR 2025
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गोपालगंज-जिले का एक ऐसा वाक्या जिसमे आप सभी सुन कर पढ़ कर दंग रह जाएंगे।आज तक आप लड़के वाले को लड़की को प्रताड़ित करते देखा और सुना होगा लेकिन इस खबर में ऐसा कुछ नहीं लड़की और लड़की वाले दुल्हे से पहले हमदर्दी दिखा कर गुमराह कर शादी का पूरा सामान की खरीदारी कराते  हैं.शादी पुरे धूम धाम रीती रिवाज से होती हैं दूल्हे राजा अपनी अपनी नई जिन्दंगी की शुरुआत मान कर सब कुछ बड़े धूम धाम से करते हैं। लेकिन लड़की के मन में कुछ और ही चलता रहता है.दुल्हन विदा होकर अपने साजन के घर आती है लेकिन दुल्हन तो दुल्हन है एक दिन मुँह दिखाई की डिमांड कर बैठती हैं.यही से होती है दुल्हन की डिमांड की मुझे मुँह दिखाई में सोने की चूड़ी चाहिए।दूल्हे राजा पहले ही कर्ज में इतने दुबे रहते हैं कि दुल्हन से बोलते हैं कि मै कुछ दिन बाद लाकर दूंगा बस इतने में दुल्हन का दिमाग सातवे आसमान में आ जाता हैं और घर में रखे सामान को सर से दे मरती है और बोलती है मैं आपके के साथ नहीं रहूंगी।एक दिन दुल्हन का भाई गाड़ी लेकर आता है और अपनी बहन को लेकर पूरा सामान लेकर चला जाता हैं। 
यह पूरा मामला गोपालगंज जिले के कुचायकोट विधान सभा के ग्राम -मठिया पांडेय (बेलवा ) पंचायत बंगालखाड़ पत्रालय-मनियारा थाना कुचायकोट गोपालगंज बिहार का हैं.बता दे कि विद्यानंद पांडेय जो ग्राम -मठिया पांडेय (बेलवा ) कुचायकोट के निवासी है हैं इनकी पहली शादी ग्राम+पत्रालय -बसडीला गोपालगंज के निवासी विक्रमा पांडेय जी की सुपुत्री रामवती कुमारी से हुआ था। कुछ सालो तक इन दोनों का दाम्पत्य बहुत ही सुगम और निर्मल चला लेकिन कुछ साल बीतने के बाद रामवती का तबियत ख़राब रहने लगा और ईलाज के दैरान इनकी मौत हो जाती है और इनसे कोई अवलाद नहीं होता है और विद्यानंद पांडेय विदुर हो जाते है.इसी दौरान विद्यानद पांडेय को जिविका चलाने के लिए पूजा पाठ कर्म कांड कराते हैं. एक दिन श्री दुर्गा दुबे के निधन होने के बाद श्राद्ध कर्म कराने ग्राम-हरपुर सासामुसा पंचायत सिरिसिया कुचायकोट गोपलगंज को गए। वहां पुरे 12 दिनों तक पूजा पाठ श्राद्ध कर्म निबृत कराया।इनके द्वारा कराया गया पूजा कर्म कांड से श्री दुर्गा पांडेय जी की पत्नी समेत सभी लोग प्रभावित हो गए थे और अब जब कुछ पड़ता पूजा पाठ का कार्यक्रम तो पंडित विद्यानंद पांडेय को बुलाया जाता ऐसी क्रम में में स्वर्गीय श्री दुर्गा दुबे की पत्नी सरिता कुंवर ने पूछा की पंडित जी आपकी शादी हुई थी पहली पत्नी से कितने बच्चे है विद्यानदं जी सब कुछ जो सही था बता दिया इनकी भी मन में चल रहा था कि वंश बृद्धि जीवन यापन के लिए एक जीवन साथी का होना जरुरी है इनकी बाटे सुन सरिता कुंवर ने कहा की मई आप की शादी अपनी ही रिस्तेदारी में करा दूंगी।बस आप एते जाते रहिये आने जाने से सम्बन्ध में मिठास आता है ऐसी आने जाने के क्रम में सरिता कुंवर ने अपनी ही छोटी लड़की पूजा दुबे से शादी की बात कह डाली और बोली की पंडित जी शादी का शुभ मुहूर्त देख कर तैयारी करिये इसको साथ लेजाकर  शादी का सामान खरीदारी कराइये घुमाइए देश दुनिया दिखाइए।तिलक हमारे ही दरवाजे यानि शादी के दिन ही चढ़ेगा।पंडित जी की सिधाई का फैदा खूब ढंग से सोच समझ कर सरिता कुंवर करती है और पंडित जी को इसका थोड़ा भी एहसास नहीं होता है.पंडित विद्यानंद की नजदीकियां बढ़ती जाती है और पूजा दुबे को पत्नी के रूप में मन कर सारी खरीदारी सोने,चानी के आभूषण के साथ कपड़े की  खरीदारी करते है। विवाह के पूर्व ही पंडित विद्यानंद पांडेय लगभग प्रेम विभोर में आकर लगभग 8 लाख की खरीदारी पूजा के साथ मिलकर उधार और कर्ज लेकर कर देते हैं.इसमें अगुआ के रूप में क्षेत्र के श्री धुरुप सिंह जी करते है और शादी पूजा के साथ 28/11 /2024 को बड़े धूम धाम से सम्पन हो जाता हैं.
इसके बाद ही पूरी कहानी शुरू होती है शादी के 12 -20 दिन ही दोनों सुकुन से रहते है तभी ऐसी बीच पूजा के जीजा(निजू पांडेय ) का फोन आता है की तुम्हारी मम्मी सरिता कुंवर तबियत सीरियस है तुरंत आ जाओ और पूजा बीना बातये घर से निकल लेती हैं.फिर लगभग दस दिनों बाद वापस अति हैं और पूरा सामान जेवर पैसे लेकर चल जाती हैं। विद्यानंद को पता चलता है तो फोन करते है कि घर आओ तब पूजा बोलती है कि घर बनावो मेरे दोनों भाई की शादी करयो तब मै आउंगी।सरिता कुंवर के इलाज के नाम पर पैसे लिए जाते हैं और कुछ पैसे घर आकर पूजा ताला तोड़कर लेकर चली जाती हैं.जब तक विद्यानंद जी इसका अंदाजा हुआ तब तक विद्यानंद जी इन सभी के सोची समझी चाल में पूरी तरह फस चुके थे.अब विद्यानंद पांडेय की पत्नी द्वारा नित्य नए अंदाज में पैसे मांगा जा रहा हैं। कभी पचास लाख रुपये और माकन दो तब सोचूंगी की साथ में रहना है की नहीं।कभी ज्यादा बोलोगे तो जेल भिजवा दूंगी।तो कभी पूजा के जीजा द्वारा जान से मरने की धमकी।अपनी ही धर्म पत्नी को लेकर विद्यानंद की परेशान।जिस उम्मीद में शादी रचाई सात जन्मो के बंधन में बधे अब वही कर रही है गुमराह।वंस बृद्धि की उम्मीद में लम्बी उम्र के चाह में अब उम्र ख़त्म होती नज़र आ रही हैं.नई नवली दुल्हन अब खलनायक के रूप में पेश आ रही हैं.सरिता कुंवर भी अब मुँह मोड़ चुकी हैं.इस कहानी में विद्यानंद पांडेय के अनुसार मुख्य रूप से खलनायक के रूप में जीतू पांडेय ही नज़र आ रहे है.शादी तो इंसान जीवन को जीने के लिए करता हैं लेकिन इस कहानी में सब उल्टा दिख रहा हैं.सायद ही कोई पत्नी ऐसा कर सकती शादी के बाद इतनी मांग।जब की शादी के बाद पूजा आती है तो पूरे कमरे को विद्यानदं पांडेय और पूजा के फोटो सजा देती है.यहाँ तक चाय पिने वाले कप पर भी इन दोनों के फोटो प्रिंट कराती है। पहले प्रेम दिखा कर कर अब रोज नए अंदाज में पैसे की मांग कर रही है.यहाँ तक पूजा अब तो बोल रही है आप मुझे पसंद नहीं सवाल ये बन रहा है कि अगर पसंद नहीं थे तो शादी के पूर्व घूमना खरीदारी करना और शादी करना।इससे साफ है की पूजा और पूजा के घर वालों की सोची समझी साजिस थी जिसमे पंडित विद्यनंद पूरी तरह फस चुके है.अब आगे देखते है क्या होता पूजा कही और शादी रचाएंगी की वापस विद्यानंद जी पास आएगी।लेकिन ऐसे करने से समाज का विश्वास ख़त्म होगा किसी गरीब कन्या से शादी रचाने में। 


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